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शीतला शीतला कहिके

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॥ श्री ॥

शीतला शीतला कहिके, तोलामनावंव वो,

आगे असाढ़ के महिना, चोला जुड़ावंव वो,

कारज मोरो सादे....तोर भरोसा हावंव वो,

जब-जब आंखी मुदौं, दरस तोर पाथौवो,

हिरदे मा भगति उमचथे, रहि-रहि सोरियाथैं वो,

गुनत रथौं तोरे गुन ला, अतकेच सहंराधं वो,

बुड़े रहीं तोरे भजन मा, कहिके गोहराथें वो,

दसो अंगरी बिनती हे...तोही ला सुनावंव वो,

महिना असाढ़ मा कहिथे, शीतला ला मनाले वो,

पबरित धरम गंगा मा, बुड़की लगाले वो,

भागमानी काया मिले हे, यहु ला फरियाले,

सातो पुरखा के भाग ला, उंचहा बनाले वो,

परन करे हंव ढाई...तोर अंचरा पाव्ंव को,

दिन बादर देखके सुध्घर, जोखवा ला मढ़ायेंव वो,

शीतला जुड़वास करे के, उद़िम ला रचायंव वो,

गाँव के सगरो देवता ला, नेवता भेजायेंव वो,

पुरखा के चलाये चलन मा, आस ला लमायेंव वो,

इन आवय कोनो अलहन...चाउंर बंधावंव को,

चौखडिया चउ पुराके, पिदुलीरखायें वो,

आवौ-आवौ बइठव मइया, आसन लगायेंव वो,

कांसा के कलसा सजाके, दियना जलायंव वो,

गंगाजल अचमन करके, बरत ला उचायंव वो,

तीन रंग के धजा हे...लहर लहरावंव वो,

कांचा-कोंवर हरदी पीसके, तीली तेल मिलायेंव वो,

तन भर तब शीतला ढाई के, मन भर चुपरायेंव वो,

नवा बस्तर पहिराके, अंगा-अंग ला सजायेंव वो,

पूजा के नरियर भेला, सरथाले चढ़ायेंव वो,

लीमडारा के सुध्यर... में चंवर डोलायेंव वो,

कलिजुगिहा जीव के परन हे, सेवा बर दाई के,

कांचा पाका जुड़-जुड़ जेवन, भोग महामाई के,

पोरसाये हावय सथरा, लीमहिन बिमलाई के,

पावौ परसादी जननी, मया बढ़हाई के,

भूल चूक छमा करबे... घेरी-बेरी गोहरावंव वो,

तोरे किरपा ले जगत के, चलथे जिनगानी वो,

काया ला शीतल करदे, बर्सादे पानी वो,

अनहर उपजही तभे वो, होही ज़ किसानी वो,

पेट के भूख हा मिटही, पाही सुख परानी वो,

उड़ान- गौतम अरज लगाये.. इंहिचे थिरियावंव वो,

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

शीतला शीतला कहिके is a bhajan dedicated to Durga Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Shiitalaa shiitalaa kahike, tolaamanaavanv vo,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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