
श्याम भरोसे हो जा प्यारे,
ये श्रृष्टि के पालन हारे,
तर्ज – दो दिल टूटे।
चिंता करे क्यों बैठा,
जब है ये मालिक तीनो लोक का,
सांवरे के हाथों उलझन,
जीवन की सारी अपनी सौंप जा,
सुलझने लगेंगे खुद ही,
ये उलझन के धागे,
मुश्किल तो आयेगी पर,
तुझको कभी ना छूने पाएगी,
ढाल खड़ा है बनके,
भेद इसे ना कभी पाएगी,
कवच कृपा का इनकी,
पहन ले प्यारे,
जीवन ये बीता कितना,
और है कितना ही ये रह गया,
अब भी शरण आने को,
गर सोचता ही तू जो रह गया,
समय ना ‘कमल’ थमता पर,
साँस थम जाए रे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
