
श्याम सलोने का प्यारा श्रंगार है संजू शर्मा
श्याम सलोने का प्यारा श्रंगार है,
कितना सुन्दर सांवलिया सरकार है।।
तर्ज – काली कमली वाला मेरा यार है।
सजा दरबार है की छायी बहार है,
मोर छड़ी हाथों में विराजे,
मोर मुकुट सिर पे है साजे -३,
कान में कुण्डल गल वैजन्ती हार है,
बागा इनका बड़ा ही न्यारा,
जरीदार ये प्यार प्यारा -३,
हीरे मोती रत्नों की भरमार है,
केसरिया चन्दन है सुहाना,
खुशबू उड़े और करे दीवाना -३,
केसर के संग इत्तर की बौछार है,
गेंदा और गुलाब मोगरा,
रजनी-गंधा का है गजरा -३,
जूही चमेली संग महके कचनार है,
कलिकाल का ये अवतारी,
लीले की करता है सवारी -३,
तीन बाण का पाया ना कोई पार है,
बोलो जय श्री श्याम रे भक्तों,
‘निर्मल’ ये कहता है सबको -३,
श्याम नाम में ही जीवन का सार है,
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