
श्यामा प्यारी किरपा कीजिये,
चरणों से लगा लीजिये बरसाना बसा लिए,
मुझको अपना बना लीजिये,
बरसाने की ऊंची अटारी यहाँ विराजे श्यामा प्यारी,
गुण अवगुण न जानन वाली ममता माई बृषभानु दुलारी,
राधे करुणा नजर कीजिये अंचल में छिपा लीजिए,
बरसाना बसा लीजिये मुझको अपना बना लीजिये,
बरसाने रस प्रेम अपारा बहती है अमृत की धारा,
बे सहरो का है सहारा मिलता है यहाँ नन्द का दुलारा,
राधे करुणा नजर कीजिये प्रीत करना सीखा दीजिये,
मोर कुटी पे मोर बिहारी प्रेम सरोवर शोभा न्यारी,
गहवरहन की महिमा भारी खोल सांकरी दान बिहारी,
राधे मुझको शरण लीजिये ब्रिज धूलि बना दीजिये,
लौट के श्यामा घर नहीं जाऊ चरण की रज निष् दिन पाउ,
महल पौड़ी चढ़ता जाऊ राशिक जनो का संग मैं पाउ,
राधे इतनी दया कीजिये दूर चरणों से ना कीजिये,
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