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श्री सालासर बालाजी री कथा प्रथम भाग

Shri Saalaasar Baalaaji Ri Katha Pratham Bhaag lyrics

20
॥ श्री ॥

श्री सालासर बालाजी री कथा प्रथम भाग,

अरे भाईडा सिवरू सुण्डाला गणपत देव,

बीरूडा सिवरू सुण्डाला गणपत देव,

रिद्धि सिद्धी रा दाता आवजो रे जियो,

अरे बीरूडा सिवरू मै तो सरस्वती मात,

बीरूडा सिवरू मै तो सरस्वती मात,

हिवडे उपजावो गंगा ज्ञान रे जियो।।

अरे बीरूडा भक्ति किनी रे मोहनदास,

जुग मे भक्ति किनी रे मोहनदास,

संतो मे शिरोमणी पद पावीयो ओ जियो,

अरे सालासर बालाजी री महिमा गावु आज,

सालासर बालाजी री महिमा गावु आज,

भक्ति सु प्रगट्या सालासर गाँव में ओ जियो।।

अरे बीरूडा रेवे मोहनदास सालासर गाँव,

बीरूडा रेवे मोहनदास सालासर गाँव,

बेनड कानीबाई रे साथ मे रे जियो,

अरे बीरूडा विधवा बेनड कानीबाई रे साथ,

बीरूडा विधवा बेनड कानीबाई रे साथ,

रेवे करवा ने सेवा चाकरी ओ जियो,

अरे बीरूडा करे कोई खेतबारी रो काम,

बीरूडा करे कोई खेतबारी रो काम,

मोती उपजे खेती रे मायने ओ जियो,

अरे बीरूडा होग्यो होग्यो भानु मोटीयार,

बीरूडा होग्यो होग्यो भानु मोटीयार,

हाथ तो बटावे घर रे काम मे ओ जियो,

अरे बीरूडा घर आया रो करे सत्कार,

मोहनजी घर आया रो करे सत्कार,

अन्न धन जिमावे उनाने प्रेम सु रे जियो,

अरे बीरूडा आया जोशी देवे रे आशीष,

बीरूडा आया जोशी देवे रे आशीष,

अन्न धन बढे दिन दुगनो चोगनो ओ जियो,

अरे मोहनजी कानीबाई रा करे सगला काम,

मोहनजी कानीबाई रा करे सगला काम,

हिवडे साची बेनड री भावना रे जियो,

अरे बीरूडा लाग्यो लाग्यो ज्येष्ठ ने आषाढ,

बीरूडा लाग्यो लाग्यो ज्येष्ठ ने आषाढ,

सावन सुरंगो महिनो आवियो रे जियो,

अरे बीरूडा भानु उदय मामा मोहनदास,

बीरूडा भानु उदय मामा मोहनदास,

चाल्या दोनु खेता रे मायने रे जियो,

अरे भाईडा भानु उदय जोतो हलीयो खेत,

भाईडा भानु उदय जोतो हलीयो खेत,

सूड तो करे ओ मोहनदास जी रे जियो,

अरे बीरूडा प्रगट होया माँ अंजनी रा लाल,

बीरूडा प्रकट होया वीर हनुमान,

अरे घंडासी पकडी रे मोहनदास सु रे जियो,

अरे बीरूडा खेंची घंडासी ने दीनी फेंक,

बीरूडा खेंची घंडासी ने दीनी फेंक,

हनुमंत फेंकी घंडासी जोर री रे जियो,

अरे भाईडा लावे मोहनदास घंडासी जाय,

बीरूडा लावे मोहनदास घंडासी जाय,

पाछी फेंके रे हनुमंत जोर सु रे जियो,

अरे बीरूडा देखी लीला भानु उदय राम,

बीरूडा देखी लीला भानु उदय राम,

हुवो अचम्भो घणो जोर को रे जियो,

अरे बीरूडा छोड्यो हलीयो बीच ओली रे माय,

बीरूडा छोड्यो हलीयो बीच ओली रे माय,

पूछ्यो उदय मामा ने जायने रे जियो,

अरे मामाजी होयो थारो जीव घणो खराब,

मामाजी होयो थारो जीव घणो खराब,

ठंडी छाया करलो आराम थे ओ जियो,

अरे भानुडा कोनी होयो जीव म्हारो खराब,

भानु कोनी होयो जीव म्हारो खराब,

कोई मासु रोला कर रयो रे जियो,

अरे भानुडा कोई फेरियो सिर पर म्हारे हाथ,

भानुडा कोई फेरियो सिर पर म्हारे हाथ,

म्हारा सु मांगी रे करणी सेवना रे जियो,

अरे भाईडा सांझ पड्या पुग्या घर रे माय,

बीरूडा सांझ पड्या पुग्या घर रे माय,

उदय माता सु जायर बोलीयो रे जियो,

अरे ओ माता मामा रो नहीं लागे मनडो काम,

माता मामा रो नही लागे मनडो काम,

घंडा तो फेकन लाग्या खेत में ओ जियो,

अरे कानीबाई सुनने बेटा उदय राम री बात,

कानीबाई सुनने बेटा उदय राम री बात,

सोचन लागी रे मनडे बातडी रे जियो,

अरे ओ बेटा मामो थारो हुवो मोटीयार,

बेटा मामो थारो हुवो रे जवान,

करसा सगाई करसा ब्यावलो रे जियो,

अरे ओ बीरा मोहन थारो करवा दु मै ब्याव,

बीरा मोहन थारो करवा दु मै ब्याव,

म्हाने बतादे मन री बातडी रे जियो,

अरे बहन म्हारी मती सोचो म्हारे ब्याव री बात,

बहन मती सोचो म्हारे ब्याव री बात,

सगमन करता कन्या मर जावसी रे जियो,

अरे देखो माने कोनी कानीबाई बात मोहन री,

माने कोनी कानीबाई बात,

नाई भेजे रे सगमन वास्ते रे जियो,

अरे नाईजी जावे जिनरी कन्या रे ताय,

नाईजी जावे जिनरी कन्या रे ताय,

जाय देखे रे अर्थी चौक में रे जियो,

अरे नाईजी आवे पाछा आय बतावे बात,

नाईजी आवे पाछा आय बतावे बात,

अरे कानीबाई समझे सारी बातडी रे जियो,

अरे ओ म्हारी बेनड कानीबाई मानो बात,

म्हारी बेनड कानीबाई मानो बात,

भानु उदय परणावो आंगने रे जियो,

अरे ओ बेनड लावो घर में लक्ष्मी थे आज,

बेनड लावो घर में बिन्दनी थे आज,

घर में होवे रे मंगला चार रा रे जियो,

अरे कानीबाई उदय होग्यो मोटीयार,

कानीबाई उदय होग्यो मोटीयार,

मामो मोहन परणावे हाथ सु रे जियो,

अरे बीरूडा भानु उदय रो करीयो ब्याव,

बीरूडा भानु उदय रो करीयो ब्याव,

लक्ष्मी आयी कानी रे आंगने रे जियो,

अरे बीरूडा कानीबाई रे मनडे खुशी अपार,

बीरूडा कानीबाई रे मनडे खुशी अपार,

पूरी होई रे मन री कामना रे जियो,

अरे बीरूडा मिलगी कोई संतो री आशीष,

बीरूडा मिलगी कोई संतो री आशीष,

आनंद उमावो घर रे मायने रे जियो,

अरे बीरूडा करवा लागा भक्ति मोहनदास,

बीरूडा करवा लागा भक्ति मोहनदास,

जप तप करवा लागा जोर को रे जियो,

अरे मोहनजी पाल्यो पाल्यो ब्रह्मचारी रो नेम,

मोहनजी पाल्यो पाल्यो ब्रह्मचारी रो नेम,

भक्ति करवा लागा हनुमान री रे जियो,

अरे बीरूडा देख भगत री भक्ति ने हनुमान,

बीरूडा देेख भगत री भक्ति ने हनुमान,

देवन भगता ने दर्शन सोचीयो ओ जियो,

अरे बीरूडा एक समय री सुनो थेतो बात,

बीरूडा एक समय री सुनो सगला बात,

उदय मोहनजी जीमे साथ मे रे जियो,

अरे जिमावे कानीबाई बैठ चौक रे माय,

जिमावे कानीबाई बैठ चौक रे माय,

आया बालाजी ब्राह्मण वेश में ओ जियो,

अरे बीरूडा हाथ कमण्डल काना मे कुण्डल लाल,

बीरूडा हाथ कमण्डल काना मे कुण्डल लाल,

बाबो पीताम्बर धारण आवियो रे जियो,

अरे बीरूडा मांगन लाग्या भिक्षा आयेने द्वार,

बीरूडा मांगन लाग्या भिक्षा आयेने द्वार,

दर्शन देवन ने आया द्वार पे रे जियो,

अरे बीरूडा कानीबाई करदी थोडी देर,

बीरूडा कानीबाई करदी थोडी देर,

आयी देवन ने भिक्षा द्वार पे ओ जियो,

अरे दिखे नही साधु संत झोली रो फकीर,

दिखे नही साधु संत झोली रो फकीर,

पाछा मुड जावे द्वार सु रे जियो,

अरे मोहन आयो आयो साधुडो कोई द्वार,

बीरा आयो आयो साधुडो कोई द्वार,

ऊबो निजरा नही आवे द्वार पे ओ जियो,

अरे बेनड म्हारी करदी थेतो चाकरी मे चूक,

बाईसा करदी थेतो चाकरी मे चूक,

आया बजरंगी बाबो द्वार पे रे जियो,

अरे बीरूडा दर्शन करता लेता शिश निवाय,

बीरूडा दर्शन करता लेता शिश निवाय,

घिरत जिमाता रोटो चूरमा रे जियो,

श्री सालासर बालाजी री कथा द्वितीय भाग अगली पोस्ट में,

गायक – प्रकाश माली जी।

प्रेषक – मनीष सीरवी।

(रायपुर जिला पाली राजस्थान)

॥ जय हो ॥

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

श्री सालासर बालाजी री कथा प्रथम भाग is a bhajan dedicated to Hanuman Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Shrii saalaasar baalaajii rii kathaa pratham bhaag,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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