
सँवारे सँवारे ओ मेरे सँवारे
तू चाँद है पूनम का तू चैन मेरे मन का,
तुजे ना देखु तो चैन न आये,
सँवारे सँवारे ओ मेरे सँवारे,
तू मीत मेरे मन का तू गीत है सावन का,
तुझे ना देखु तो चैन न आये,
तेरी नजरो से जब से लड़ी नजर,
सारे नजारे तब से लगते है बे असर,
तेरे चरणों की मिल गई बंदगी,
इतनी हसीना पहले थी मेरी ज़िंदगी,
अब सारी उम्र तेरी सेवा करू,
पल भर भी न नजरो से दूर करू,
बस इतनी तमना है तुजसे मेरी,
ओ मेरे सँवारे मैं तेरा ध्यान धर,
सेवा करू गा तेरी मेरा एतबार कर,
लगता है ऐसे तू मेरे आस पास है,
किरपा तू करे गा मुझे पूरा विश्वाश है,
मेरी नींद खो गई रातो की,
तू लकीर बदल मेरे हाथो की,
मुझे तेरी जरूरत इस दुनिया में,
ओ मेरे श्याम तू ही जीवन आधार है,
तू ही है नैया मेरी तू ही पतवार है,
बिन तेरे कुछ भी नहीं मैं मुझको एहसास है ,
मेरे नैनो को तेरे दर्शन की प्यास है,
धन और दौलत में ना चाहु,
बस भजन तेरे नित मैं गाउ,
बस इतनी सी चाहत पुष्प की तुझसे,
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