
संवत त्रेसठ साल माय भई तरसे नर ने नारी
संवत त्रेसठ साल माय,
अरे भई तरसे नर ने नारी,
रामा संवत त्रेसठ साल माय,
तरसे नर ने नारी,
ए बेमहिनो री खल्ल पाडी ने,
गायो भूखी मारी,
ए बे महिनों री खल्ल पाडी,
ने गायो भूखी मारी।।
अरे सावन महिनो जावा लागो,
भादरवा री तैयारी,
भादवा री तैयारी,
अरे इन्द्र देव भरवाने लागा,
बरसे मूसलधारी,
अरे इन्द्र देव बरवाने लागा,
अरे जवाई बांध री फाटक खोली,
नदीयाँ चाले भारी,
जवाई बांध री फाटक खोली,
अरे शिवगंज सुमेरपुर बीच में,
पुल टुटीया भारी
अरे वटे 14 नंबर हाईवे रूकीया,
14 नंबर हाईवे रूकीया,
वटे भीड़ भारी लागी रे,
आवा जावा रा मार्ग रूकीया,
ए भीड़ लागे भारी,
एक ट्रक जावा लागे,
जावे नदीयाँ माई।।
अरे निम्बोनाथ री माय,
इन्डीका अटकोनी,
अरे निम्बोनाथ री नदी माय,
अरे मे बेवा वाला केवन लागा,
पेला कोडो गाडी,
ए वटे मंत्री ने संत्री,
ऊबा ऊबा भाले,
सावरिया री मरजी ऊपर,
कुण आगे आवे।।
अरे बाबा गाँव री नदी माते,
हेलीकॉप्टर आवे,
अरे सेना रा दो जवान,
बहती नदी मे जावे,
आगे बूंदी माय पानी भलीयो,
सादडी मे चढीयो,
ओरीया कर्नाटक चढीयो,
पाच स्टेट चढीयो।।
अरे मसावला रा पुल तोडीया,
हल्दी ने हलाई रे.
बोरवा केवन लागो,
पानी उल मचाई,
अरे मोरडुला वाला माय,
अम्बे सेन्टर जावे,
गोपी नाम रो बालकीयो,
वाकली बंधे आवे,
अरे बाड़मेर रा जिला माय,
बाढ़ भारी आयी,
अरे वटे वसुंधरा शेखावत,
सोनिया गांधी आयी,
ए अरे जवाई री चार पानी,
नेरो री आयी,
कलश किदी तैयारी रे,
चार पानी नेरो री आयी,
अरे गेहूं घेगरा पाका,
मोकला होली मनाई भारी,
अरे गेहूं घेगरा पाका मोकला,
होली मनाई भारी।।
अरे अपना मीठोडा,
मारवाड माय,
एक चली थी बिमारी,
अरे डेंगू मंकीगुनीया,
चीकन गुनीया लायी,
दास कन्हैयो गुरू चरन मे,
देखी जेडी गायी,
ए थोरा भगता ऊपर मेहर,
करावो सावरिया गिरधारी,
गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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