
धन-धन अवध की नगरिया,
सखी री जहां जन्मे श्री भगवान......
माता कौशल्या ने राम को जन्मा,
केकई ने भरत ललनवा, सखी री जहां जन्मे भगवान....
माता सुमित्रा ने लखन शत्रुघ्न,
घर-घर बजत बधइयां, सखी री जहां जन्मे श्री भगवान.....
राजा दशरथ जी मोहरे लुटावे,
नाचे अवध के बसैया, सखी री जहां जन्मे श्री भगवान्.....
केकई सुमित्रा पलना झूलावे,
कौशल्या लेत बलईया, सखी री जहां जन्मे श्री भगवान....
ब्रह्मा शंकर दर्शन पावे,
सज रही अवध नगरिया, सखी री जब जन्मे श्री भगवान.....
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