
सजा दो घर को गुलशन सा
मेरे भोलेनाथ आये है
लगी कुटिया भी दुल्हन सी
पखारो इनके चरणों को
बहाकर प्रेम की गंगा
बिछा दो अपनी पलकों को
उमड़ आयी मेरी आँखे
देखकर अपने बाबा को
हुयी रोशन मेरी गलिया
तुम आकर फिर नही जाना
मेरी इस सुनी दुनिया से
कहू हरदम यही सबसे
1. सजा दो घर को गुलशन सा भजन किसके लिए समर्पित है?
यह भजन भगवान भोलेनाथ (शिव जी) को समर्पित एक भक्ति गीत है।
3. इस भजन के बोल किस भाषा में हैं?
यह भजन हिंदी भाषा में लिखा गया है, और इसका भाव अत्यंत भक्तिपूर्ण है।
4. क्या यह भजन किसी विशेष पर्व पर गाया जाता है?
हाँ, यह भजन महाशिवरात्रि, श्रावण मास और सोमवार के दिन विशेष रूप से गाया जाता है।
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