
सतगुरु कर दो जी मैहर,
नैया भव से जाए तर,
तेरी लम्बी है डगरिया,
मेरी छोटी सी उमर।।
तर्ज – सईया ले गई जिया।
बेशक मै नदाँ हूँ दाता,
लेकिन मै तेरा हूँ दासाँ,
सतगुरू मुझको भूल न जाना,
लेना खबर,
तृष्णा ये मुझको सताती है,
दुनिया मुझे बहकाती है,
आते जाते सतगुरू मुझपे,
रखियो नजर,
दाता समझ मै न पाऊँ,
कैसे मै तेरे दर आऊँ,
काम क्रोध की घट मे सतगुरू,
उठती लहर,
– भजन लेखक एवं प्रेषक –
शिवनारायण वर्मा,
मोबा.न.8818932923
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