
सरस्वती सिवरू देवी शारदा माँ विसोत माता भजन
सरस्वती सिवरू देवी शारदा माँ,
दोहा – बीस हथी रो देवरो,
कोई नदी किनारे गाँव,
आया रा दुख दूर करे माँ,
राखे छत्तर वाली छाव।
सरस्वती सिवरूँ देवी शारदा,
कोई बीस हथी रा गावु गुणगान,
चालो चालो घण्टियाला,
माँ बीस हथी रा गावु गुणगान,
जैसाणा रे मार्ग गाँव घण्टियाला,
सिंह री असवारी आया बीस भुजाला,
कोई विसोत माँ रो बनीयो मोटो धाम,
चालो चालो दर्शन ने,
माता विसोत माँ रो बनीयो मोटो धाम,
भगता री अरजी सुनने आप पधारीया,
सेवल राजपुरोहित मंगला ये गाया,
कोई सबरा बिगड्या सरीया काज,
चांदनी सातम् दसम् रो मेलो भराया,
चारो दिशा में माँ सेवकीया आया,
कोई विसोत माँ रो मोटो जग में नाम,
कोई घण्टियाला मे बनीयो मोटो धाम,
साचा मनसु जो कोई ज्योति जगावे,
विसोत माँ ने निशदिन आवे,
विसोत माँ जिन पर किरपा यु राखे,
कोई पावे जीवन सुख आराम,
कोई पावे पावे जीवन में सुख आराम,
किशन सिंहजी माँ थाने मनडे बसाया,
बीस हथी रा गुण थे तो गाया,
करे लालसिंह प्रणाम,
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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