
साडू गुजरी सपना में,
करती देव से बाता।।
साडू माता चली नगर से,
हीरादासी लाल,
पत्थर फूटा कमल उपन्या,
देव लियो अवतार,
मालासर से देव धणी,
देमाली आया,
नोखा रोली करे बधावा,
पत्थर शीश झुकाता,
देवमाली से देव धणी,
गोठा में आया
गोठा माया गलियों पालनो,
पालना में देव झूलता,
मंगला गुर्जर मोतीपुरा को,
महिमा खत गाता,
मोती गुर्जर चांदना को,
शरण आशीष झुकाता,
गायक / प्रेषक – मोतीलाल चांदना।
किशनगढ़ 9521785317
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