
सारे कण लाके सुनो जगराते वाली गल,
बाकि दियां गलना कर लियो कल,
दूजी गल न करो कोई होर भगतो,
आज माँ दे सूटदियो डोर भगतो,
सब फिकरा दी छड़ दियो डोर भगतो
जेहड़ा बैठ जगराते विच मैया न धयोंदा है,
दिन्दी माँ जरूर जो भी ओहदे हिसे आंदा है,
मेरी गल उते करो गौर भगतो,
खुशियां दा दिन चलो खुशियां मना ली,
उठो जगराते विच भंगड़े भी पा ली,
किते लभनी न ऐसी ख़ुशी होर भगतो,
ऐसी ताड़ी मारो सुख भूल जान बात वे,
पता लग जावे आज एथे जगराता वे,
भारती न जन्दी लोड भगतो,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



