
सिया धीरे चलो ससुराल गलियाँ
ससुराल गलियाँ सुकुमार गलियाँ....-2
सिया धीरे चलो…..
तेरी सास भी आवे तोपे वारी-वारी जावे,
तेरे ससुर तो वारे सोने की गिन्नियाँ...-2
देवर लखन जी आए अपनी गोद बैठाए,
सगुन दे दे भवजिया अपनी गोद बिठाई...-2
अयोध्या वासी भी आए और मंगल गाए,
मैया दे दे बधाई हम तेरे अंगना आए...-2
सीता राम जी की जोड़ी कैसी अजब बनाई,
चरत भरत सारे भाई मिल आए...-2
देवी और देवता फूल बरसाए,
देख अयोध्या का नजारा देव सब हरषाए...-2
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