
सीता राम जी की प्यारे राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे……..
धन्य कौशल्या धन्य कैकई धन्य सुमित्रा मैया,
धन्य कौशल्या धन्य सुमित्रा धन्य कैकई मैया,
धन्य भूप दशरथ के अँगना खेलत चारो भैया,
मीठी तोतली रसीली प्रभु की बानी लागे प्रभु की बानी लागे,
छोटी छावनी रंगमहल हनुमान गढ़ी अति सुन्दर,
रंगमहल हनुमानगढ़ी अति सुन्दर,
स्वंय जगत के मालिक बैठे कनक भवन के अंदर,
सीता राम जो की शोभा सुखकानी लागे,
सहज सुहावन शोभा लागे रघुवर राम लाला की,
सीता राम नाम धुन प्यारी सुख दानी लागे,
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