
हे मारुती नंदन बजरंगी प्रभु आन बसो हमरे मन में
हे मारुतिनंदन बजरंगी प्रभु आन बसों हमरे मन में
व्यवधान हरो कल्याण करो हर कष्ट निवारो जीवन में
संकटमोचन हे अंजनीसुत ,प्रभु नाम जपूं निशदिन तेरे
सुनते हैं संकट कट जाते बजरंगबली तेरे सुमिरन में
मेरे महके खिलते उपवन की हर पुष्पलता मुरझा सी गयी
किरपा क्र हरियाली ला दो इस दर्द भरे मेरे जीवन में
हर ओर अँधेरा छाया है सुख आनी जानी माया है
अब हाथ हमारे सर रख दो हम आन पड़े तेरे आँगन में
रचनाकार : मनीष मानस
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