
लाल चोला भी माँ का सवा लिया
(देवो नी बधाई, मुझको सब मिलकर,
और मेरी माँ का, जागा आया ।
खुशियाँ चारों तरफ, रौनकें हैं आँगन में,
और मेरी माँ ने, यह दिन दिखाया ॥ )
लिए चूड़ियाँ ॥ खरीदीं मैंने, माँ के लिए,
सुखों में डूबी थी मैं, कराऊँ जगरण,
सुखों में डूबे को, यह दिन आ गया...
लिए चूड़ियाँ ॥ खरीदीं मैंने...
चाव से, माँ, तेरी पिंडियाँ सजाऊँगी,
छोटी-छोटी, कन्याओं को, जग में बुलाऊँगी ॥
तेरे भक्तों ने, ऊँची-ऊँची, लगाए जयकारे ॥
जब लंगर वीर, मना लिया...
शेर पर, सवार होकर, आ माँ शेरों वाली,
संगतों को दर्शन, दिखा माँ शेरों वाली ॥
तेरे दर्शन के, प्यासे हैं, संगत के नैन माँ ॥
उन्होंने, राहों में, आँखों को बिछा लिया...
श्रद्धा है, पक्की और साफ़, रखी सदा नीत माँ,
रख विश्वास, बैठा, आज भी पवित्र माँ ॥
प्रिंस, डोला नहीं, तब ही दिन, खुशियों का चढ़ा ॥
जो सोचा था, आज उसने, पा लिया...
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