
अपने आचँल की छैयां मे जब तु मुझे सुलाया कर,
माँ लोरी की जगह वैष्णो माँ की भेट सुनाया कर॥
जय माता दी बोलके मुझको सुबह तू रोज जगाया कर,
माँ लोरी की जगह माँ वैष्णो की भेट सुनाया कर॥
जय जय माँ जय जय माँ,
बहुत सुनाये तुने मुझको किस्से राजा रानी के,
याद कराया कर निसदिन तू नाम आद भवानी के,
कौन था ध्यानु कैसे उसने माँ का ध्यान लगाया था,
शीश की भेट चढाकर उसने माँ से क्या वर पाया था,
गोदी मे बिठलाकर मुझको...हे माँ
गोदी मे बिठलाकर मुझको ये बाते समझाया कर,
सच कहता हुँ ना मांगुगा तुझसे कोई खिलौना माँ,
एक बार दिखला दो मुझको माँ का भवन सलौना माँ,
सारे जग को माँ के दर पर जाने को जी करता है,
अम्बे मैया के दर्शन पाने को जी करता है,
अपने बेटे का कहना माँ...ओ माँ
अपने बेटे का कहना माँ कभी तो मान जाया कर,
थाम ले मेरा हाथ प्यार से माँ तु अपने हाथो मे,
ले जाया कर साथ मुझे माँ माता के जगरातो में,
हंसवाहिनी सरस्वती माँ लक्ष्मी और महाकाली,
वास करे उस जगह जहाँ जगती है ज्योतनिराली,
वास करे उस जगह जहाँ जगती है ज्योत निराली,
जहाँ जगे ये ज्योत वहां...ओ माँ
जहाँ जगे ये ज्योत वहां मात्था मुझे टिकाया कर,
माँ की भेट सुनाया कर,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

