
अरज सुणो जी म्हारा समराथल रा धणिया
अरज सुणो जी म्हारा,
समराथल रा धणिया,
आय विराजो म्हारे आगणियां,
म्हारा समराथल रा धणिया।।
लोहट जी बुलाया थे तो,
पीपासर में आया,
माता हंसा रो मान बढावणिया,
अरज सुनो जी म्हारा,
भगता ने बुलाया थे तो,
समराथल पर आया,
अमृत पाहल पिला वणिया,
बाजे जी बुलाया थे तो,
जसरासर में आया,
साधु मोवण लाया जागणिया,
उमा ने बुलाया थे तो,
रोटू नगरी में आया,
नवरंग चीर ओढावणीया
भक्त जन गुरुजी,
थारा गुण गावे,
बेड़ो पार लगावणीया,
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