
एक हरि अंश ब्रह्मा रूप भले पाया,
हो विश्वकर्मा जी बनकर,
आप धरण पर आया,
ओ हरि कियो निर्माण रो काज,
महल चिनवाया,
प्रभु किन्नो निर्माण रो काज,
गजब थारी माया।।
ओ प्रभु अलख थलख,
कैलाश आप बनवाया,
थारो काज देख ने,
शिव शक्ति हरसाया,
हो देवा राखो भगत्ता री लाज,
चरण में आया,
म्हारा विश्वकर्मा जी भगवान,
हो देवा कियो द्वारिका रो निर्माण,
कृष्ण मन भाया भाया,
थे तो गजब बनाया महल,
अजब थारी माया,
हरी कियो निर्माण रो काज,
महल चिड़वाया,
प्रभु कीनो निर्माण रो काज,
हो देवा यमलोक कईजे,
यम राजधानी,
स्वर्ग नरक रो कियो निर्माण,
देवा ने मानी,
थारी लीला अपरम्पार,
तृप्त भई काया,
ओ विश्वकर्मा भगवान,
कीनो निर्माण रो काज,
कीनो लंकापूरी रो निर्माण,
लंकेश हरसाया,
थारी लिखे जोरावरदास,
भजन लिखवाया,
थारी महिमा रो गुणगान,
श्याम पालीवाल ने गाया,
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