
डगमग डोले जीवन नैया
डगमग डोले जीवन नैया बीच फँसी मझधार
पार लगा दे खाटू वाले थाम के तू पतवार
जिसके साथ खड़ा तू रहता होती ना उसकी हार
इस विश्वास की जीत का मुझको देदे तू उपहार
भरोसा एक तेरा है सहारा एक तेरा है
जिसका हाथ पकड़ लेता तू उसको कभी ना छोड़े
हे मालूम तू कभी किसी की उम्मीदें न तोड़े
यही तुम्हारी चाहत बाबा बन गयी सबकी इबादत
होनी कृपा की रोज़ लिखी है तुमने नई इबारत
ग़म के मारों का है ठिकाना सिर्फ तेरा ये द्वारा
तेरे धाम की बहती है बाबा प्रेम की अमृत धारा
देख नहीं सकता तू ंसवारिया कभी भी आँखें रोती
रोती आँखों में खुशियों के भर देता तू मोती
मैं भी सुनके चर्चा तुम्हारी आया तेरे द्वारे
धुंधले इस जीवन के कर दो तुम रंगीन नज़ारे
डोर सौंप दी हाथ में तेरे अब तुम इसे सम्भालो
कुंदन की लाज को सांवरिया को अपने गले लगा लो
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
