
डमरू डमरू भोले जी का डमरू,
डमरू डमरू शिव जी का डमरू,
कहता आओ रे शिवाले,
ओ ओ तुम॥
शिव जी के चरणों में सिर को झुकायेंगे जो,
मन की मुरादे वो ही यहाँ से पायेंगे वो,
हो देवो के देव का प्यारा ये धाम देखो,
जागेगी तक़दीर जप के तो नाम देखो,
तीनो के लोक यहाँ दामन पसारे खड़े,
सूरज, चाँद, तारे दर्शन को सारे खड़े,
सोये हुए लोगो को जगाता है ये डमरू,
भक्ति का पाठ भी पढ़ाता है ये डमरू,
पल में प्रसन्न होते सुन जटाओंवाले,
कष्ट कलेश हर्ते सर्व कलाओंवाले,
डमरू डमरू डमरू डमरू
हो डमरू ने कहा सबसे भोले के द्वार आओ,
श्रद्धा के फूल तुम अपने साथ लाओ,
काल कंकाल है ये इन्हे महाकाल कहते,
लाखो ही भक्त इनको दीनदयाल कहते,
भोले जी की महिमा है सुनाता हमे डमरू,
डुग डुग डुग डुग बोलके रिझाता हमे डमरू,
बारह ही ज्योतिर्लिंग शिव का स्वरुप सारे,
जिनको है पूजते दुनिया के भूप सारे,
दुनिया के भूप सारे...
रावण को सोने की लंका ये देनेवाले,
भक्तो की हर एक चिंता हर लेने वाले,
धरती गगन इनके ये ही पाल तारते है,
चारो ही युग इनके तीनो ही तारते है,
दे जाते स्वामी ये पिता गणराज के,
रखवाले ये ही है उपासको की लाज के,
शिव ही आधार जग के बदला काम डमरू,
शिव जी से प्रेम करो समझा काम डमरू,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




