
पलकों का घर तैयार साँवरे
मेरी अखियाँ करें इन्तज़ार साँवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे..
आँखों के अंसुवन जल से, तेरे चरण पखारूंगा मैं
पलकों की कंघी से तेरे बाल सँवारूँगा मैं
मोका सेवा का दे, एकबार साँवरे
मेरी पलकों का घर तैयार साँवरे
पुतली के दरवाज़े उपर, पलकों का है पहरा
प्रेम है ये नि स्वार्थ हमारा, सागर सा है गहरा है
हम तेरे हुए तलबगार सॉंवरे
बढ़े भाव से , बड़े चाव से, तेरा लाड़ करेंगे
जहाँ रखोगे क़दम कन्हैया, वहीं पे हाथ रखेंगे
ख़्वाहिश पूरी करों एक बार साँवरे
महलों जैसे ठाठ नहीं, धर देखने तो आओ
रहना ना चाहो कम से कम, आज़माने आओ
मोहित दिल से करे मनुहार साँवरे
ऐसे ही सुन्दर भजन आप निचे दी गयी सूचि में देख सखते है
गणेश जी के भजन
विट्ठलाचे अभंग मराठी
राधा कृष्ण के भजन
कृष्णाच्या गवळणी मराठी
शिव जी के भजन
गुरुदेव के भजन
माता रानी के भजन
दादाजी धुनिवाले के भजन
साईं बाबा के भजन
देश भक्ति गीत
राम जी के भजन
फ़िल्मी तर्ज पर भजन
हनुमान जी के भजन
बधाई गीत
आरति संग्रह
चालीसा संग्रह
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
