
बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का
मैंने इतना बता दे श्री श्याम जी के लोगे तुम आने का,
बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का,
तेरी खातिर श्याम धनि सिरसाम का साग बना रखाया,
बाजरे की रोटी ऊपर मने माखन खूब लगा राखेया,
दूध दही के भरे कटोरे के लोगे तुम खाने का,
जब खाना खालो श्याम धनि मैं थारे पैर दबाउगा,
कुछ तू अपनी कहिये कुछ अपनी तने सुनाऊंगा,
देदे मौका अपनी सेवा में मने भी टाइम बिताने का,
जब टाइम हॉवे गा छोटा गांव में तने घुमाऊंगा,
मेरे गांव की गली खेत मेरे श्याम जी तने दिखाऊगा,
हरयाणे के जैसा मजा और किते न आने का,
मने लिखदी अर्जी श्याम धनि ईब आना पड़ा जरुरी रे,
विक्की के मन की चाहि तू करदे संवारा पूरी रे,
संदीप के जैसा भगत सँवारे और किते न पाने का,
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