
बाबा हमे तेरी आदत हो गयी है
बाबा हमे तेरी आदत हो गयी है,
जीवन की सुबह तुम हो,
जीने की वजह तुम हो,
मेरे अँध्यारे जीवन में प्रभु तुम ने हो भिखेरा उज्यारा,
तुम ने उम्मीद जगाई है जब जब जीवन में मैं हारा,
मेरे सुख दुःख में तू संग सदा इतना मुझको एहसास रहे,
मेरा साथ न छोड़ो गे बाबा इतना मुझको विश्वाश है,
मुझे याद है जीवन के वो दिन अपनों ने मुझे रुलाया था,
तुमने आंसू पहुंचे थे अपने गले लगाया था,
तू आस मेरी विश्वाश मेरा रोमी इतना कह सकता है,
कोई भूल के अपनी स्वासो को जिन्दा कैसे रह सकता है,
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