
बिणजारी ऐ हस हस बोल,
प्यारी प्यारी बोल,
बाता थारी रह जासी,
म्हाने सौदागर मती जाण,
कंठी माला काठ की रे,
ज्या में रेशम सूत,
सूत बेचारा क्या करे,
ज्यारे काटन वाला कपूत,
बिणजारी ऐ हंस हंस बोल,
राजी राजी बोल,
रामा थारे बाग में रे,
लाम्बा पेड़ खजूर,
चढे तो मेवा चाकले,
पड़ता रा चकनाचूर,
बालपने भजियो नही,
कियो न हरी से हेत,
अब पछताया क्या होय,
चिड़िया चुग गयी खेत,
बालद थारी लद गई हो,
गयी लागम लाग,
रामानन्द रा भण कबीरा,
बैठी मोजा मार,
स्वर – नीता जी नायक।
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