
माँ अंजनी के लाल कलयुग कर दियो निहाल
माँ अंजनी के लाल,
कलयुग कर दियो निहाल,
ओ पवन पुत्र हनुमान,
तुम श्री राम के सेवक हो.......
शिव शंकर के अवतार,
मेरे बालाजी सरकार,
तू माँ अंजनी का जाया,
शिव अवतारी कहलाया,
पाकर के अद्भुत शक्ति,
संसार में मान बढाया.......
तेरी सूरत कुछ कपी सी,
कुछ मानव सी सुहाय,
मन में राम समाए,
और तन सिंदूर रमाये,
तेरी छाती बज्र समाये,
जब हरण हुआ सीता का,
कुछ पता नही लग पाया,
तूने जा के लंका नगरी,
माँ सीता का पता लगाया,
तूने राक्षस सब पछाड़े,
पहले गरजे फिर दहाड़े,
सबको मिलकर दिए पछाड़......
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




