
माँ भारती की स्वर्णिम माटी हमें है चंदन
Maan Bhaarati Ki Svarnim Maati Hamen Hai Chandan lyrics
माँ भारती की स्वर्णिम माटी हमें है चंदन,
माटी हमारी पूजा, माटी हमें है वंदन,
मेरे अवध की सरयू श्रीराम को बुलाती,
मथुरा में मातु यमुना कान्हा के गीत गाती,
कभी राम इसमे खेले कभी खेले नन्द नंदन
राजेंद्र,शालिवाहन, न्रूप दिगजयी हुए थे,
गोविंद प्रताप शिवबा, धर्मार्थ रण में झुझे,
कभी लक्ष्मीबाई झूझी , कभी टोपे क्रांति नंदन,
गरजी थी वेद वाणी, ऋषिवर दया से मुखरित,
गूँजी विवेक वाणी, गुरु रामकृष्ण प्रेरित,
फैला दिशा दिशा में, अध्यात्म मन्त्र चिंतन,
केशव ने स्वप्न देखा, मधु ने उसे संवारा,
हिन्दुत्व मन्त्र प्रगटा, सब ने उसे बढ़ाया,
फैली यह संघ सरिता, दिश दिश किया है सिंचन,
माँ भारती के सुत हैं सारे समाज बंधु,
हर वर्ग बन्धु बन्धु हिन्दु समाज सिन्धु,
एकात्मता के बल पर समरस यहाँ है जीवन,
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