
मेरे बाँके बिहारी करो मुझपे करम
मेरे बाँके बिहारी,
करो मुझपे करम,
वृन्दावन में बसूँ,
ऐसी लागे लगन,
नाम की रटन लगा दो मन को,
बांके कुञ्ज बिहारी,
जित देखूं मोहे हरपल दिखे,
श्री हरिदास दुलारी,
पाऊं अंतिम समय में,
तुम्हारे चरण,
लगकर भक्ति में पाऊंगा,
पागल का है कहना,
बनकर पायल श्री चरणों की,
सेवा में है रहना,
ना जो मद में रहे,
पाता वो वृन्दावन,
मन की कुञ्ज पड़ी है खाली,
आकर आप विहारों,
पागल के नाते से ‘मदना’,
को भी आप स्वीकारो,
निधिवन ही बना,
दीजिये मेरा मन,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

