
मैं तो भूली रे सरवरीया वाली पाल,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
पहला रे जुगा मे गजरों प्रहलाद पोयो,
बांधीयो प्रहलादे री नार,
दुजा रे जुगा मे गजरों हरिश्चन्द्र पोयो,
बांधीयो हरिश्चन्द्र री नार,
तीजा रे जुगा मे गजरों जेठल पोयो,
बांधीयो जेठल जी री नार,
चौथा रे जुगा मे गजरों बलिचन्द्र पोयो,
बांधीयो बलि चन्द्र री नार,
चार जुगों रा मंगल रूपादे जी गावे,
म्हारा साधुडो रो अमरापुर मे वास,
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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