
मैं देखूँ जिस ओर सखी री सामने मेरे साँवरिया
मैं देखूँ जिस ओर सखी री,
सामने मेरे साँवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया,
तर्ज – मैं देखूँ जिस ओर सखी री।
श्याम ने मुझको जोगन बनाया,
जोगन बनाया,जोगन बनाया,
जहर का प्याला अमृत बनाया,
अमृत बनाया,प्याला अमृत बनाया,
प्रेम के रंग में डूब गया दिल,
जैसे जल में गागरिया,
रो रो कर हर दुःख सहना है,
दुःख सहना है,दुःख सहना है,
दुःख सह सह कर चूप रहना है,
चूप रहना है, हमें चूप रहना है,
कैसे बताऊँ कैसे बिछड़ी,
पिया के मुख से बाँसुरिया,
दुनिया कहती मुझको दीवानी,
मुझको दीवानी, मुझको दीवानी,
कोई ना जाणे दर्द कहानी,
दर्द कहानी, प्रेम कहानी,
कृष्णा कृष्णा रटते रटते,
मीरा हो गयी बाँवरिया,
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