
मैया रानी दुःख में आँख मेरी रोई
जगा दे किस्मत पड़ सोई
तेरे बिन सहारा न कोई
जिस जननी ने जन्म दिया था छोड़ गई वो अकेली
तुझको अपनी माता समज के शरण तेरे माँ लेली,
विपता मर पड़ की ढोई काटो सोक कर होई तेरे बिन सहारा न कोई
दुष्टों का संहार करे माँ भगती उभारण तू है,
तू देवी मैं नारी शक्ति प्रेम का कारण तू है
मेरी सुख निंद्रा खोई विघन की वेळ गई बोई
जिनका कोई नहीं है जगत में उनका कोई ठिकाना
द्वार तेरे पे बेठा कमल सिंह दोहराए ये गाना
भवन की राहे है टोही आत्मा भगती ने मोहि
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