
रंग रिजवा चुनरिया रंग डारी, रंग डारि रंग डारि रंग डारि
रंग रिजवा चुनरिया रंग डारि
मोरी माई की चुनरिया रंग डारि
झिलमिल झिलमिल लगे सितारे, तारागण से चमके
रूप मोहनी जगदम्बा का, दमक दामिनी दमके
चमके चंदा सी बिंदिया उजियारी
ले सोला सिंगार सुहागन मां के दर पे जावे
मात भवानी जगदम्बा को अपने हाथ सजावे
और सिर पे लाली चुनरिया लगे प्यारी
मोरी माई की ....
चुनरी चाली ध्वजा माई की एक ही रंग में रंग दे
श्रद्धा सबुरी भक्ति भाव के फुंदना लगा कि संग दे
लाली लाली चुनर गोटे वाली,मोरी माई की....
लाये हैं बेनाम चुनरिया माता तुम्हे चढ़ाने
अपने भगत की मात भवानी याद बिसर ने जाने
देखो गूंजे भवन में जैकारी मोरी माई की ....
गायक - उदय लकी सोनी ( दशरमन )
गीतकार - गोविंद सिंह बेनाम जी (जबलपुर )
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