
रूनीचा रा मार्गे म्हारा बीरा रे,
दोहा – रामदेवजी को विनती,
ओर दिन में सौ सौ बार,
बालक जाण दया कर दीजो,
मै आयो थारे द्वार।
रूणिचा रा मार्गे म्हारा बीरा रे,
आवे रे रामापीर लीले वाला रे,
अरे रूणझुण घुंगरा बाजता म्हारा बीरा रे,
रूणझुण घुंगरा बाजता म्हारा बीरा रे,
कलयुग रा अवतार लागे प्यारा,
ओ अजमलजी रा लाडला म्हारा बीरा रे,
अजमलजी रा लाडला म्हारा बीरा रे,
जय हो रामापीर लागो थे प्यारा,
पैदल पैदल चालता म्हारा बीरा रे,
अरे बोलो रामापीर कलयुग वाला रे,
बोलो रामापीर कलयुग वाला रे।।
गोकुल गढ रे मायने म्हारा दाता ओ,
गाया दीनी चराय मूरलीवाला ओ,
पोखरण नगरी मायने म्हारा धणीया ओ,
भेरू दीनो मार भाकर जाता ओ,
अरे बीज आवे चांदनी म्हारा बीरा ओ,
बीज आवे चांदनी म्हारा बीरा ओ,
मेलो लागे जोर कंवरा थारा ओ,
अरे गावे भजन आपरा म्हारा बीरा ओ,
गावे भजन आपरा म्हारा बीरा ओ,
बोले जय जयकार संतो आता ओ,
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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