
श्याम नगरी में मकान होना चाहिये
मुझको तो बस मेरे श्याम बाबा चाहिये,
श्याम नगरी में मकान होना चाहिये,
बाबा तेरी नगरी में मकान होना चाहि.....
हर दिन बाबा तेरे दर पे मैं आऊंगा,
रोज सुबह शाम तेरे दर्शन पाऊंगा,
मुझको तो रोज तेरा दर्शन चाहिये,
हमको तो दिखता है एक ही सपना,
बाबा श्याम जपना और बाबा श्याम अपना...
श्यामकुंड में नहाकर तेरे दर पे मैं आऊंगा,
जितने किए पाप मैने सब धो जाऊंगा,
मुझको तो बस बाबा प्यार तेरा चाहिये,
ना पैसा लगता है, ना खर्चा लगता है,
जय -जय श्याम नाम बोलिए बड़ा अच्छा लगता है....
तेरी ही किरपा से बाबा से सारा ये संसार है,
हम भक्तों पर भी तो बाबा तेरा आशीर्वाद है,
तेरी ही किरपा से मेरा काम होना चाहिए,
तेरी ही किरपा से सारे काम होने चाहिए,
श्याम नगरी में मकान होना चाहिए....
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