
सिद्धि के तुम ही तो हो दाता,
हमारे गणपति देवा,
भंवर से लें चल मेरी नैया,
किनारे गणपति देवा,
रोम रोम में तुम हो स्वामी तुमसे अलग तो नहीं हूँ,
तुमसे अलग तो नहीं हूँ,
हो मैं तुम्हारे चरणों की दासी तुम हो जहाँ मैं वहीँ हूँ,
तुम हो जहाँ मैं वहीँ हूँ,
कर दो कृपा ये मुझ पर,
दर्शन मुझे दो आकर,
तुम मुझको अपना लो हे स्वामी,
भंवर से लें चल मेरी नैया हमारे गणपति देवा,
बिरहा के दुखड़ों ने घेरा अब तो इशारा मुझे दो,
अब तो इशारा मुझे दो,
हो कह ना पाऊं ब्याकुल मन की बात अपना सहारा मुझे दो,
अपना सहारा मुझे दो,
कब से भटकती हूँ मैं,
मेरी डगर तो दिखा दो,
ना जाने कब से ये मेरा दिल,
ना जाने कब से ये मेरा दिल पुकारे गणपति देवा,
पुकारे गणपति देवा,
गिर पडूँ जो चलते चलते मैं तुम थाम लेना दामन,
तुम थाम लेना दामन,
हो सच यही है तुमसा दुनिया में दूजा नहीं कोई पावन,
दूजा नही कोई पावन,
जीवन में उलझ गयी जो,
गुथ्थी को तुम सुलझाना,
है किस में शक्ति जो बिगड़ी को,
है किस में शक्ति जो बिगड़ी को सँवारे गणपति देवा,
सँवारे गणपति देवा,
हो जाये उज्जवल ये जीवन अपने ही रंग में जो रंग दो,
अपने ही रंग में जो रंग दो,
हो जुड़ जाये तुमसे मेरा मन मुझको तो अपना कर दो,
मुझको तो अपना कर दो,
और कुछ ना माँगू तुमसे,
विनती को तुम स्वीकारो,
ये मेरी डोरी है हाथों में,
ये मेरी डोरी है हाथों में तुम्हारे गणपति देवा,
तुम्हारे गणपति देवा,
भंवर से लें चल मेरी नैया किनारे गणपति देवा,
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