
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम,
भजमन राम राधे श्याम राधे श्याम राधे श्याम,
यह नाम बनाया प्रथम पूज्य श्री गणपति जी को पल में,
मिल गया यही अवलम्ब नाम शबरी को जंगल में,
लाखों का बेड़ा पार किया -2, पहुँचाया हरि के धाम,
बजरंगबली के बल में इसकी महिमा भारी है,
ध्रुव और विभीषण को भी ये ही बूटी प्यारी है,
नारद जी की वीणा पर बजता -2, ये ही है सुंदर नाम,
ब्रह्माजी के चारों वेदों से ये ही नाम निकलता है,
शंकर के मानस मंदिर में दीपक सा जलता है,
घण्टे की ध्वनि में भी बसता -2, ये ही पावन नाम,
कहें अनाड़ी मोदलता इसमें क्या टोना है,
हम क्या बतलावे प्रेमीजन इससे क्या होना है,
ये बजरंग जाने इसी नाम से क्या क्या होना है,
अरे भजकर देखो सभी श्रद्धा से -2, अनमोल ये नाम,
संकलनकर्ता : राज कुमार टाँक, बिजनौर ।
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