
जयति जयति जग-निवास
शंकर सुखकारी
अजर अमर अज अरूप
सत चित आनंदरूप
व्यापक ब्रह्मस्वरूप
भव भव-भय-हारी
शोभित बिधुबाल भाल
सुरसरिमय जटाजाल
तीन नयन अति विशाल
मदन-दहन-कारी
भक्तहेतु धरत शूल
करत कठिन शूल फूल
हियकी सब हरत हूल
अचल शान्तिकारी
अमल अरुण चरण कमल
सफल करत काम सकल
भक्ति-मुक्ति देत विमल
माया-भ्रम-टारी
कार्तिकेययुत गणेश
हिमतनया सह महेश
राजत कैलास-देश
अकल कलाधारी
भूषण तन भूति व्याल
मुण्डमाल कर कपाल
सिंह-चर्म हस्ति खाल
डमरू कर धारी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

