
मानवता के मन मन्दिर में ज्ञान का दीप जला दो Manavata Ke Man Mandir Mein
तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो
एक तू ही भरोसा
नेकी की राह
सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु
तुम प्रेम हो
सुख करता दुःख हरता कारता विग्नाची
ओ पालनहारे
करतार जी
ईश्वर का वो सच्चा बंदा
बुरा जो देखन मैं चला
जो तूने लिखा
दाता शक्ति दे
मानवता के मन मन्दिर में ज्ञान का दीप जला दो
दया कर दान विद्या का
हर देश में तू हर भेष में तू
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
तू ही राम है तू रहीम है
प्रार्थना है यही, हम ना हारे कभी
करुणानिधान भगवान मेरे भारत को स्वर्ग बना दो
दुख दरिद्रता का नाश करो
मानव के कष्ट मिटा दो
अमृत की वर्षा बरसाकर
भूख की आग मिटा दो
खेतों में हरियाली भर दो
धान के ढेर लगा दो
नव प्रभात फिर महक उठे
मेरे भारत की फुलवारी
सब हो एक समान जगत में
कोई न रहे भिखारी
एक बार माँ वसुंधरा को नव शृंगार करा दो
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




