
आज अवध में रघुवर आएंगे,
रे नगरी झूमेगी होके खुशहाल रे,
अंखियों में पानी अब भर आएंगे,
रे सखी लेके आज पूजा की थल रे,
मन मंदिर में रहते हैं,
श्री राम राम राम,
गर्व से हम सब कहते हैं,
जय राम राम राम,
शिव भी जिनके पूजाते हैं,
वो राम राम राम,
मर्यादा पुरुषोत्तम,
जय श्री राम राम राम,
जय राम राम जय राम राम,
जय राम राम श्री राम राम.....
रघुकुल रीति सदा चली आई,
प्राण जाए पर वचन ना जाए।
जय राम राम रमण समानम्।
गर्म रहो, भयानक देखो
अवधेश सुरे रामेस बिभो।
सरनागट देखने के लिए कहता है, भगवान।
पिता वचन का मान रखे वो राम है,
भाई पे अपनी जान रखे वो राम है,
भक्त का जूठा जो खाए वो राम है,
एक बन से लंका जो धाय वो राम है....
वो राम है हां राम है
दससीस बिनासन बीस भुजा॥
दुरी महा महि भूरि रूजा॥
रजनीचर बृंद पतंग रहे।
सर पावक तेज प्रचंड दाहे।
वो दिन फिर से आएगा,
भगवा फर लहराएगा,
रोक ना मिलेगी दुनिया,
राम राज्य फिर आएगा.....
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



