
इक्को ख़ैरियत मंगी तेरी श्यामा
इक्को ख़ैरियत मंगी तेरी श्यामा
जदों भी दुआवा मंगियाँ
तेरी ख़ुशी विच ख़ुशी ख़ुशी जीवा लगियां
निभावा मंगियाँ.
चारे पासे तू ही तू दिसदा कुझ होर नजर ना आवे
नाल आसा दे जद प्रीत वे तेरी नजदीक फिकर न आवे
सुख दुनिया दे सब ने मिटटी वर्गे गुण चीर सबर न आवे,
मुड मुड आवे की मेरी जुबा ते तेरा नाम अगर ना आवे
तेरी ख़ुशी विच ख़ुशी जीवा
लगियां निभावा मंगियाँ
धर्म न जानू सत्कर्म न जानू ना पूजा पाठ इभादत तू मेरा है बस इतना ही जानू
सपना ही है हकीकत
अंग संग तू है फिर क्या मैं चाहू
कोई और न बांकी हर्स्रत दूर न करना मजबूर न करना
मिनत है यही है मन्नत
तेरी ही ख़ुशी दे विच साडिया वे खुशिया रजा विच तेरी ही मैं राजी हो चुकी आ
सुख आपने मैं वारे सब तेरे तो
तेरियां बलामा मंगियाँ
जिस जिस पल तेनु भूल के भूली मैं हुँदै सुन्दे सब कुझ कखा वांग रुली मैं
गुनागार जान साहिल खुद नु डांडिया सजावा मंगियाँ,
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