
कान्हा मधुवन में मिलने इक वार आ जाओ
Rim Jhim Baarish Barase Man Madhur Miln Ko Tarase lyrics
रिम झिम बारिश बरसे मन मधुर मिल्न को तरसे
तेरा कब से करू मैं इंतज़ार आजा ओ
कान्हा मधुवन में मिलने इक वार आ जाओ
पुरवा पवन प्यास मन में जगाए
आ जाओ कान्हा याद तेरी सताए
दिल को आवे चैना तेरी राह निहारे नैना
मैं तो कब से हुई हु बेकार आजाओ
सज के सवर के खड़ी हु तेरी आस में
तू ही वसा कान्हा राधा के सास में
मन मोहन मुरली वाला कैसा जादू कर डाला,
प्यारी राधा को देने दीदार अ जाओ
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