
खावे माखन ते मिश्री गोपाल वे,
रंग काले दे हो गया लाल वे ,
दूध पीवे ते दही खावे नाल वे
खान पीन दा शोंकी कहंदा वे ओ
आप खानदा दे सब नु ख्वंदा ओ
रोज खानदा खुराका कमाल वे
नन्द यशोमत दा जाया है नटखट बड़ा
रस्ता रोक लेनदा वे रस्ते खड़ा
बाह फड के ओ करदा कमाल वे
श्याम कह कह बुलावन सभी गोपियाँ
आप आपे ख्वावन सभी गोपियाँ
सबे करदा ओ पुरे सवाल वे
वेख साहिल जरा उसदी वखरी अदा प्रेम ते प्यार दा रहंदा भूखा सदा
ओ की दूजी न इसदी मसाल वे
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