
चलो श्याम दरबार चलो श्याम दरबार
चलो श्याम दरबार चलो श्याम दरबार खाटू धाम,
मेरे श्याम की खाटू नगरी में दुखडो की बिदाई होती है,
ये ऐसी अदालत है भक्तो यहाँ सबकी सुनाई होती है,.
यहाँ झूठ फरेब न चलता है मेरा श्याम सदा इंसाफ करे,
पापी भी सम्पर्ण कर दे तो पापी भी समपर्ण करदे तो पापी को भी ये माफ़ करे,
प्रेमी की अपने प्रेमी से यहाँ प्रेम सगाई होती है,
यहाँ राजा न रंक फ़कीर कोई सभी श्याम की आंख के तारे है,
जीते को लोक जिताते है हारे के श्याम सहारे है,
करती है दुनिया जिसका बुरा यहाँ उसकी भलाई होती है,
दुनिया के चीफ जस्टिस्ट है ये इनकी सर्वोच्च अदालत है,
नियत में जिसकी खोट न हो चलती उसकी यहाँ वकालत है,
चलते है वोही साबुत गवाह जिनमे अशाई होती है,
कलयुग के है अवतार श्याम ये साँचा नाये चुकाते है,
अपने भक्तो पे हो मोहित जीवन भर प्यार लुटाते है,
खाटू में आकर भक्तो की यहाँ मेल मिलाई होती है,
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