
छोड़ के तेरा धाम ओ बाबा श्याम मैं नहीं जाना रे
छोड़ के तेरा धाम, ओ बाबा श्याम में नहीं जाना रे
नहीं जाना मै,नहीं जाना मैं,नहीं जाना मैं,नहीं जाना ,
जो सोचू मै जाने की तो, दिल मेरा तड़पता है,
आंखियां मेरी नीर बहाएं, मन का पंछी ये कहता है,
जब पुछु निशान तो , कइयों निशान दिखते है ,
लहरा कर बलखाकर ,मस्ती मै ये कहते है,
दर्शन करने जाऊँ जब भी ,भगतो का रैला दीखता है,
उनके जयकारे और भजन , बाबा को रिझाकर कहते है,
जब बटता है चूरमा ,खाटू का कण कण कहता है,
हवा यहाँ पर सर सर बहकर , मिटटी उड़ उड़ कहती है,
जो देखूं बाबा का चेहरा , श्याम नशा छा जाता है,
रोम रोम थिरक थिरक कर, मस्ती मै ये कहता है,
हौले हौले चॅवर धुराऊँ तो , मन मै ख्याल आ जाये ,
छोड़ के बाबुल का घर ,प्या के घर नहीं जाना रे,
जो देखूं अँखियाँ उसकी, पाँव नहीं उठते मेरे,
साँसे कुछ थम सी जाती है, दिल भी कुछ कुछ कहता है,
जो लोटू खाटू से घर, मेरा बाबा रोता है ,
अँखियाँ उसकी कल कल रोये ,हाथ पकड़ ये कहता है,
छोड़ के मेरा धाम, ओ पूजा उपाध्याय आज नहीं जाना रे,
सिंगर : पूजा उपाध्याय
राइटर & कंपोजर : पूजा उपाध्याय
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