
तुम अपने रंग में रंग लो हे माँ दुर्गे हे माँ दुर्गे,
हे माँ दुर्गे हा अहा हे माँ दुर्गे,
हे माँ दुर्गे हा हा हे माँ दुर्गे,
जो दुराचारी थे माँ उनका,
वध तूने किया माँ सदा है,
अस्त्रों शस्त्रों से है तू सुशोभित,
माँ तू ही तो बलप्रदा है,
तेरे ही चरणों में है,
तीनों लोकों का संगम,
तेरी भक्ति ही सत्य है,
सब मिथ्या है,
तेरी भक्ति ही सत्य है सब मिथ्या है,
सब मिथ्या है हा हा,
सब मिथ्या है सब मिथ्या है,
माँ तेरे दम से है ये जीवन,
सुख का आधार सबका ही तू है,
इस धरती से उस अम्बर तक,
जो भी श्रृंगार है माँ वो तू है,
रंग रंगीले रंगों से,
माँ रच दे जीवन सबका,
मानव ही तेरी सबसे,
उत्तम रचना उत्तम रचना,
मानव ही तेरी सबसे उत्तम रचना उत्तम रचना,
उत्तम रचना उत्तम रचना हा हा,
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