
दाता पीर सिंहजी री सूरत सोवनी,
दोहा – करू विनती आपने,
और जोडु दोनु हाथ,
भीड़ पडे जब याद करू,
दाता दिजो मारो साथ।
ए घोडलीये असवार शूरवीर सतवंता,
अरे बेरा ढिबरा पर थोरो बेसनो ओ जी।।
ए अरे केसरियो तो सापो सोवनो,
अरे केसरियो तो सापो सोवनो,
तूर्रे तार हजार शूरवीर सतवंता,
अरे तूर्रे तार हजार शूरवीर सतवंता,
अरे भगतो रा बुलाया वेगा आवजो ओ जी,
ए दाता पीर सिंहजी री सूरत सोवणी,
घोडलीये असवार शूरवीर सतवंता,
अरे घोडलीये असवार शूरवीर सतवंता,
ए गायो री रक्षा मे जगडा जीतीया ओ जी।।
अरे भमर भालो हाथ में भमर भालो हाथ में,
अरे कमर सिरोही तलवार शूरवीर सतवंता,
अरे कडीये सिरोही तलवार शूरवीर सतवंता,
बेरा ढिबरा पर बनीयो देवरो ओ जी।।
अरे हूमर घोडी सोवे आपने हूमर घोडी सोवे आपने,
पधारो भरी सभा रे माय शूरवीर सतवंता,
अरे दाता शक्ति सिंहजी करे सेवना,
दाता शक्ति सिंहजी करे सेवना,
अरे राखो भगतो ऊपर मेहर शूरवीर सतवंता,
अरे राखो भगतो पर मेहर शूरवीर सतवंता,
अरे दास रे कन्हैयो गावे भाव सु ओ जी।।
दाता पीर सिंहजी री सूरत सोवणी,
गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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