
पर्दा हमसे करते हो क्यूँ बिहारी जी पूर्णिमा दीदी जी न्यू भजन
पर्दा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी,
मुख अपना छिपाते,
बिहारी जी,
तर्ज – श्री राम जानकी।
फूलो कलियों सा,
तेरा मुखड़ा है,
चाँद तारो में,
एकलौता टुकड़ा है,
मन ये मेरे में,
पर ये दुखड़ा है,
रूप क्यों ना दिखाते,
परदा हमसे करते हो,
नैन कजरारे,
सैन सुखकारे,
बैन हितकारे,
मन को पुचकारे,
खींची आई मै अब,
तेरे द्वारे,
हमसे नज़ारे मिला लो,
नैन काजल है,
घने बादल है,
पाँव पायल है,
दिल ये घायल है,
बाबा रसिका भी,
तेरा पागल है,
गोपाली का सबकुछ,
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