
पीपासर री नगरी माई बाँधियो रे हिंडोलों जम्भेश्वर
पीपासर री नगरी माई,
बाँधियो रे हिंडोलों,
घालियो रे हिंडोलों,
माता हँसा हिंडोले,
हिंडावे ओ राज।।
थे ओ म्हारा जम्भ गुरुजी,
पीपासर में आया,
माँ हँसा रे मन में,
भाया ओ राज।
समराथल पर आया,
भगत बछल मन,
धोरा री धरती में म्हारा,
सतगुरु जी आया,
हाथ कमण्डल गळ माळा,
म्हारा जम्भ गुरु जी,
आप पधारया,
चवदस वाळी रात गुरुजी,
जागण लगावा,
जुमलों जगावा हरजस करो,
ओ थोरे नाम रा ओ राज।
मैं सेवक थारो गुरुजी,
आयो थोरे द्वार गुरुजी,
मेरी नैया पड़ी मझधार,
बार बार प्रणाम।।
माता हँसा रा जाया थे तो,
लोहट जी रा लाला,
भगत बछल मन भाया मेरे श्याम,
जय बोलो जम्भ देव की।।
दिल्ली शहर में आप पधारे,
भगत बीच में जान मेरे श्याम,
जय बोलो जम्भदेव की।।
असम कसम का बंधन छोड़ाया,
गऊ की बचाई जान मेरे श्याम,
एक आसरो थोरो ओ जाम्भोजी,
इण कलजुग रे माय मेरे श्याम,
गोरधन थारे चरणों रो चाकर,
जन्म जन्म रे माय मेरे श्याम,
गायक – गोवर्धन बिश्नोई।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



