
भई रे राखजो मनडा में विश्वास,
मिलेला थाने राम धणी,
भई रे राखजो मनडा मे विशवास,
ओ भई रे सिवरू मै दिन ने रात,
ओ भई रे माता मैणादे वालो लाल,
रूनीचा ज्यारो देवरो,
भई रे माता मैणादे वालो लाल,
ओ भई रे कहलावे द्वारिका रो नाथ,
भगता रो साचो आसरो,
ओ भई रे परचा बतावे हाथो हाथ,
रूनीचा वालो राम धणी,
भई रे परचा बतावे हाथो हाथ,
भई रे कलजुग मे लियो अवतार,
परचो तो पायो मावडी,
भई रे भूमि रो भार उतार,
बाणिया री तारी जहाज़डी,
ओ भई रे जिवायो सुगना वालो लाल,
भई रे जिवायो सुगना वालो लाल,
ओ भई रे मेलो रे भरीजे सालो साल,
भगता री लागे भीड़ घणी,
भई रे मेलो रे भरीजे सालो साल,
भई रे बाबा री गूंजे जय जयकार,
चारो खूटा मे किरती,
ओ भई रे भगतो री पूरे सब आस,
भई रे भगतो री पूरे सब आस,
ओ भई रे दास अशोक सुनाय,
बाबा ने करलो विनती,
भई रे दास अशोक सुनाय,
ओ भई रे दीजो थे दर्श दिखाय,
गावा मै थारी आरती,
ओ भई रे नाव लगावे भव सु पार,
भई रे नाव लगावे भवसु पार,
गायक – मोईनुद्दीन जी मनचला।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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